सामाजिक व्यवहार में कमी, आंखों से संपर्क न बनाना, देर से बोलना या बार-बार एक ही हरकत करना? आयुर्वेद ने सदियों से बच्चों के मस्तिष्क विकास में सहायता की है।
सामाजिक व्यवहार में कमी, आंखों से संपर्क न बनाना, देर से बोलना या बार-बार एक ही हरकत करना? आयुर्वेद ने सदियों से बच्चों के मस्तिष्क विकास में सहायता की है।
एक प्राचीन आयुर्वेदिक 'मेध्या रसायन' फॉर्मूला जो बच्चों के मस्तिष्क विकास, तंत्रिका तंत्र और व्यवहार संतुलन के लिए सदियों से उपयोग किया जाता रहा है।
मस्तिष्क की कोशिकाओं को पोषण, याददाश्त और एकाग्रता बढ़ाता है। 'मेध्या' जड़ी-बूटी।
✔ बुद्धिवर्धक
तंत्रिका तंत्र को शांत करता है, मानसिक थकावट दूर करता है।
✔ मेध्या रसायन
तंत्रिका तंत्र को मजबूत करता है, तनाव कम करता है और नींद में सुधार।
✔ बाल वाजीकरण
मस्तिष्क को शांति प्रदान करता है, अति सक्रियता और गुस्सा कम करता है।
✔ मेधा प्रदायक
बुद्धि और स्मरण शक्ति बढ़ाता है, वाणी दोष दूर करता है।
✔ वाक्शक्तिवर्धक
मस्तिष्क की नसों को खोलता है, बोलने और समझने की क्षमता बढ़ाता है।
✔ संवाद कौशलहमारे उत्पाद GMP-प्रमाणित आयुर्वेदिक सुविधाओं में बनाए जाते हैं और प्राचीन ग्रंथों के अनुसार तैयार किए जाते हैं।
“मेरे बेटे को बोलने में देरी थी और वह आँख मिलाकर नहीं देखता था। आयुर्वेदाचार्य ने ब्राह्मी और शंखपुष्पी का यह फॉर्मूला सुझाया। 4 महीने में उसने आँख मिलाना शुरू किया और माँ-पापा बोलने लगा।”
“बेटी बार-बार गुस्सा करती थी और किसी से घुलती-मिलती नहीं थी। अश्वगंधा और जटामांसी ने उसे शांत किया। अब वह ज्यादा शांत है और दूसरे बच्चों के साथ खेलना चाहती है।”
“बेटे को संवेदी संवेदनशीलता थी, तेज आवाज़ पर चिल्लाता था। वचा और मंडूकपर्णी के नियमित उपयोग से अब वह ज्यादा सहनशील है और हमारी बात समझता है।”
अपनी जानकारी भरें—हमारे अनुभवी आयुर्वेदाचार्य आपको कॉल करके आपके बच्चे की प्रकृति के अनुसार सही सलाह और उपयोग की जानकारी देंगे।
फॉर्म सबमिट करने के बाद हमारे आयुर्वेदिक विशेषज्ञ 24 घंटे में संपर्क करेंगे।